राष्ट्रीय संगोष्ठी की तैयारियों को लेकर महाविद्यालय के सभी विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

सहकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी की तैयारियों को लेकर इनोवेशन काउंसिल एवं आईक्यूएसी की संयुक्त बैठक सम्पन्न
मिहरावां (जौनपुर)। सहकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मिहरावां के अर्थशास्त्र विभाग के तत्वावधान में प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठी की तैयारियों को लेकर महाविद्यालय के सभी विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य एवं इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अरविन्द कुमार सिंह ने की। बैठक में संगोष्ठी के सफल आयोजन, नवाचार गतिविधियों तथा नैक मूल्यांकन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठी की रूपरेखा, विषय चयन, शोध-पत्र आमंत्रण, तकनीकी सत्र, आयोजन समितियों का गठन, विभागीय दायित्वों तथा आयोजन की समयबद्ध कार्ययोजना पर चर्चा की गई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि संगोष्ठी को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे।
बैठक के दौरान इनोवेशन काउंसिल की आगामी गतिविधियों एवं कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप, उद्यमिता तथा कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, विशेषज्ञ व्याख्यान एवं नवाचार प्रतियोगिताओं के आयोजन पर सहमति व्यक्त की गई।
इसके साथ ही आईक्यूएसी एवं नैक मूल्यांकन समिति की बैठक में नैक मूल्यांकन की तैयारियों, विभिन्न मानदंडों के अनुरूप अभिलेखों के संधारण, विभागीय गतिविधियों के दस्तावेजीकरण तथा गुणवत्ता संवर्धन संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई।
इनोवेशन काउंसिल की संयोजक प्रो. मुक्ता राजे ने कहा कि नवाचार की संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है तथा प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।
आईक्यूएसी एवं नैक मूल्यांकन समिति के समन्वयक डॉ. राज बहादुर यादव ने सभी विभागों से गुणवत्ता मानकों के अनुरूप अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण एवं समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
डॉ. रणधीर कुमार ने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठी शोध, नवाचार एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई दिशा प्रदान करेगी तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए एक उपयोगी अकादमिक मंच सिद्ध होगी।
डॉ. संजय शर्मा ने संगोष्ठी की रूपरेखा, आयोजन की तैयारियों एवं विभागीय समन्वय के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए सभी विभागों से सक्रिय सहभागिता एवं समयबद्ध सहयोग का आग्रह किया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि नवाचार, गुणवत्ता आश्वासन एवं अकादमिक गतिविधियों का समन्वित संचालन महाविद्यालय की पहचान को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन करते हुए राष्ट्रीय संगोष्ठी को सफल बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. विकास सिंह, श्री नीरज कुमार सिंह डॉ. मनोज सोनकर, डॉ. राघवेन्द्र, डॉ. शिव प्रताप सिंह, डॉ. नितेश यादव, डॉ. संजय सिंह, डॉ. शैलेश कुमार सिंह, डॉ. रविकांत सिंह, डॉ. शिव कुमार यादव, डॉ. बृजेश श्रीवास्तव, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. कैलाश नाथ यादव, डॉ. आशीष कुमार सिंह सहित महाविद्यालय के सभी विभागों के शिक्षक उपस्थित रहे।
बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ तथा राष्ट्रीय संगोष्ठी, इनोवेशन काउंसिल की गतिविधियों एवं नैक मूल्यांकन से संबंधित सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का संकल्प लिया गया।

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